परीक्षाओं मे नकल करके पास हुए बच्चे क्या इस काबिल है कि कहीं ढंग की नौकरी कर सके?परीक्षाओं में  नक़ल करके बच्चे पास तो हो सकते हैं लेकिन काबिल नहीं बन सकते हैं क्योंकि  शुरू से ही वे  अनुशासन की अनुपालना नहीं करते हुए अनीति पूर्वक सफलता प्राप्त कर रहे हैं जबकि जीवन के हर क्षेत्र में अनुशासन,मेहनत,संयम,धैर्य,लगन,ईमानदारी के साथ ही नीतिपूर्वक आगे बढ़ना होता है बच्चों में ये सभी संस्कार इसी उम्र में ढले जाते हैं बाद में परिवर्तन करना और सही आदतों का विकास करना मुश्किल हो जाता है अतः बच्चों के साथ साथ नक़ल करवाने वाले लोगों को भी बच्चों के भविष्य के बारे में सोचना चाहिए, जो बच्चों और देश के विकास के लिए अत्यावश्यक है और सही मार्ग प्रशस्त करवाना चाहिए क्यूंकि नौकरी हो या जीवन खुशहाल एवं आनंदपूर्वक जीने और बेहतर ढंग से कार्य करने के  लिए  बच्चों का संस्कारित एवं नीतिपूर्वक सफलता पाकर आगे बढ़ना जरुरी है.बच्चे कल के निर्माता हैं अतः जैसा उन्हें हम सिखाएंगे आगे चलकर वो भी ऐसा ही वातावरण बनाएंगे। अतः नौलारी में वो बेहतर प्रदर्शन कर पाएं इसके लिए जरूरी है कि नीतिपूर्वक सफलता अर्जित करें और असफल भी हों तो उसे चुनौती मानकर सामना करें और कर्मठ नागरिक बनें ताकि उनको और आने वाली पीढ़ियों को भी मजबूत बनाया जा सके.  

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